'नमो फॉर विकसित भारत' के अंतर्गत 21वीं सदी की ऐतिहासिक उपलब्धि बताया
न्यूज़ डेस्क:- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के वडोदरा में 'नमो फॉर विकसित भारत' कार्यक्रम के दौरान 35,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरन उन्होंने अपने सम्बोधन में 'नाराज फूफा जी' राजनीतिक मुहावरे शब्द का भी नाम लिया है, जो उनके द्वारा आलोचकों के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले व्यंग्यात्मक नामों की सूची में नवीनतम शब्द है। इस शब्द का इस्तेमाल उन्होंने पहली बार पिछले सप्ताह एक कॉलेज के शताब्दी समारोह में किया था।
फ्रेट कॉरिडोर: 21वीं सदी की ऐतिहासिक उपलब्धि
'नमो फॉर विकसित भारत' कार्यक्रम के दौरान 35,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन समारोह में सबसे प्रमुख 2,800 किलोमीटर लंबा डेडिकेटेड रेल फ्रेट कॉरिडोर है, उद्घाटन किया । जिसे प्रधानमंत्री ने "21वीं सदी की ऐतिहासिक उपलब्धि" बताया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना की योजना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में 2004 में बनाई गई थी। लेकिन मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के दौरान इसमें बहुत कम प्रगति हुई। 2014 में भाजपा के सत्ता में आने तक इस पर कोई काम नहीं हो पाया था। यह कॉरिडोर उन जगहों तक रेल कनेक्टिविटी पहुंचा रहा है, जहां आजादी के बाद भी यह सुविधा नहीं थी। प्रधानमंत्री के अनुसार, यह परियोजना 'आत्मनिर्भरता' को मजबूत करने के लिए एक भारतीय सप्लाई चेन बनाने की बड़ी कोशिश का हिस्सा है।
आलोचकों पर तंज
प्रधानमंत्री ने बिना नाम लिए उन आलोचकों पर तंज कसा जो इस परियोजना की उपयोगिता पर सवाल उठाते थे। उन्होंने कहा, "अभी जो नाराज फूफा जी हैं, वो चिल्लाएंगे कि ट्रक वालों का क्या होगा? ट्रक कहां जाएंगे? जिन्होंने ट्रक खरीदा उनका क्या होगा? अब फूफा जी को काम मिल गया"। इस व्यंग्य के माध्यम से उन्होंने उन लोगों को निशाना बनाया जो किसी भी विकास कार्य में नकारात्मक पहलू ढूंढते हैं।
यूपीए सरकार पर हमला
प्रधानमंत्री ने पूर्ववर्ती यूपीए सरकार पर कई तंज कसे। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद भारत ने 50,000 आधुनिक रेलवे कोच बनाए, जबकि पिछली सरकार 10 साल में 50,000 शौचालय भी नहीं बना पाई थी। उन्होंने भाजपा और कांग्रेस सरकारों के "काम करने के तरीके" में अंतर बताते हुए यह तुलना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब मैन्युफैक्चरिंग के एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है, जहां "चिप से लेकर जहाज तक" कंपोनेंट्स और तैयार उत्पाद दोनों ही देश में बनाए जा रहे हैं।
'नाराज फूफा' शब्द का संदर्भ
प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम में उन लोगों पर भी निशाना साधा, जिन्होंने 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की उम्मीद से बेहतर 7.8 प्रतिशत GDP ग्रोथ पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि "नकारात्मक सोच वाले लोगों" ने सरकारी प्रयासों का विरोध करना एक खेल बना लिया है। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि कैंपस के बाहर दो तरह के लोग मिलेंगे: एक वे जो समाज की ताकत को सकारात्मक रूप से देश की ताकत में बदलते हैं और दूसरे वे जो कोई भी काम शुरू होते ही 'नाराज फूफा' बन जाते हैं।
इस प्रकार, प्रधानमंत्री मोदी ने वडोदरा कार्यक्रम में विकास परियोजनाओं की सफलताओं को रेखांकित करते हुए आलोचकों पर व्यंग्यात्मक प्रहार किया और पिछली सरकारों की उपलब्धियों से अपनी सरकार की तुलना करके विकास का अपना एजेंडा स्पष्ट किया।
पक्ष और विपक्ष
सत्ता पक्ष भाजपा नेताओ ने इस शब्द को लेकर विपक्षों पर भी तंज कसा है और कहा गया है की आलोचकों की फितरत हमेशा से ही नकारात्मक रही है जिसे कभी भी सुधारा नहीं जा सकता है वही दूसरी तरफ विपक्ष राजनितिक दलों ने भी इस राजनितिक शब्द को गंभीर मुद्दों से ध्यान भटकाने और बचकानी भाषा का इस्तेमाल का आरोप लगाया है।
Source:- Social Media
Posted By:- K.D. Vishwakarma
9451497851

0 टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
आपके कमेंट के लिए धन्यवाद! मैं हर कमेंट को पढ़ता हू और 24 घंटों के भीतर व्यक्तिगत रूप से जवाब देने की कोशिश करता हूँ। कृपया स्पैम या अन्य वेबसाइटों के लिंक से बचें। हम एक रचनात्मक और सभ्य बहस को प्रोत्साहित करते हैं। अगर आपके पास हमारे, हमारे वेबसाइट या फिर मेरे दिए हुए पोस्ट्स से संबंद्धित कोई सुझाव या शिकायत है तो बेझिझक कहे, उसको अपने न्यूज़ पोर्टल का हिस्सा बनाने की पूरी कोशिश की जाएगी ! धन्यवाद